CA Ka Full Form 2021

CA Ka Full Form (CA का फुल फॉर्म ), CA क्या होता है ?

आपने कहीं न कहीं CA का नाम तो जरूर सुना होगा, कॉमर्स विषय में रुचि रखने वाले अधिकतर विद्यार्थी सीए बनना चाहते हैं। सीए एक बहुत अच्छा पेशा हैं, यहीं कारण है कि हर वर्ष हजारों की संख्या में विद्यार्थी CA बनने के लिये तैयारी करने में जुट जाते हैं। तो आखिर सीए क्या है, सीए का फुल फॉर्म हिन्दी में क्या होता हैं, CA Ka Full Form Kya Hai, इन सभी सवालों का जवाब इस पोस्ट में विस्तार पूर्वक दिया गया है।

इस लेख में हम आपको “CA का Full Form” बताने के साथ ही यह भी जानकारी देंगे कि, सीए कैसे बनते हैं, सीए क्या काम करता हैं ? इस कारण यदि आप सीए से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस ब्लॉग पोस्ट को अंत तक जरूर पढे।

CA का फुल फॉर्म क्या होता है ?

सीए का फुल फॉर्म ‘Chartered Accountant’ होता हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट को हिन्दी में ‘सनदी लेखाकार’ कहते हैं। इस प्रकार सीए को इंग्लिश में चार्टर्ड अकाउंटेंट कहते हैं और हिन्दी में सनदी लेखाकार कहा जाता है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का कार्य कराधान, वित्तीय और सामान्य प्रबंधन सहित व्यवसाय और वित्त के सभी क्षेत्रों में होता है।

सरल शब्दों में कहा जाये तो जिस प्रकार पुराने समय में बड़ी दुकानों या व्यापारियों के द्वारा लेन-देन,उधार आदि का हिसाब-किताब रखने के लिये मुनीम रखा जाता था ठीक उसी प्रकार वर्तमान में बड़ी कम्पनियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों के द्वारा सभी प्रकार के पैसों का लेन-देन का हिसाब रखने के लिये, टैक्स का सहीं आंकलन व भुगतान करने के लिये, वित्तीय रिकॉर्ड की संभाल और विश्लेषण करने के लिये, वित्त प्रबंधन के लिये कानूनी सलाह लेने के लिये ‘Chartered Accountant’ रखा जाता हैं।

CA ( चार्टर्ड एकाउंटेंट ) क्या काम करता हैं ?

किसी कंपनी, फर्म या व्यापारी के वित्तीय लेन – देन का हिसाब रखना, वित्तीय क़ानूनों के हिसाब से सलाह देना, टैक्स का आंकलन करना और भरना, financial records का audit करना, कराधान, वित्तीय और सामान्य प्रबंधन सहित वित्त से जुड़े सभी कार्य करने की जिम्मेदारी चार्टड अकाउंटेंट की होती हैं। इस कारण बड़ी कंपनियों, व्यापारियों या उद्योगपतियों के द्वारा वित्तीय प्रबंधन के लिये, टैक्स प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझने के लिये, वित्तीय सलाह लेने के लिये Chartered Accountant रखे जाते हैं क्योंकि वर्तमान में टैक्स,वित्तीय कानूनों के हिसाब से ही कोई व्यापार या उद्योग शुरू करना चाहिए क्योंकि यदि वित्तीय कानूनों का पालन न किया जाये, टैक्स न भरा जाये, पैसों के लेन -देन का उचित हिसाब न रखा जाये तो उद्यमी को बहुत सी कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता हैं।

लेकिन एक सीए ( चार्टर्ड एकाउंटेंट ) के लिये वित्तीय प्रबंधन करना मुश्किल नहीं होता हैं, उसे सभी प्रकार के वित्तीय कानूनों, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की जानकारी होती हैं। इस कारण किसी वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी सनदी लेखाकार को सौंपी जाती हैं।

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ( ICAI ) क्या हैं ?

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया जिसे हिन्दी में ‘भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI)’ भी कहा जाता हैं, संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है। इस निकाय का गठन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट, 1949 (1949 का एक्ट नं। XXXVIII) के तहत किया गया है। 1 जुलाई, 1949 को आईसीएआई को संसद में पास एक एक्ट के तहत स्थापित किया गया था, इसलिए प्रत्येक साल एक जुलाई को नेशनल चार्टर्ड एकाउंटेंट्स डे मनाया जाता है।

यह निकाय भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। पूरे भारत में जितने भी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हैं वो सभी इस ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ के तहत रजिस्टर हैं और इस निकाय के सदस्य हैं। ICAI दुनिया में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का दूसरा सबसे बड़ा पेशेवर निकाय है। ICAI के द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स भी चलाया जाता हैं। भारत में सीए बनने के लिये चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स में प्रवेश सुनिश्चित करना पड़ता हैं।

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CA ( Chartered Accountant ) कैसे बने ?

CA Ka Full Form जानने के बाद आइये अब यह जानते है कि, सीए कैसे बनते हैं ? CA बनने के लिये ICAI द्वारा संचालित Chartered Accountancy Course को पूर्ण करना पड़ता हैं। यह कोर्स तीन स्तर का होता हैं जो निम्न प्रकार हैं :-

  • Foundation Course ( Entry Level )
  • Intermediate Course ( First Stage )
  • Final Course ( Final Stage )
CA Ka Full Form
CA Ka Full Form

कोई भी विद्यार्थी कक्षा 12वीं ( किसी भी विषय में ) पास करने के बाद Foundation Course के लिये रजिस्टर कर सकते हैं। रजिस्टर करने के बाद 4 महीने के अंदर ही Foundation Examination होती हैं। यह परीक्षा साल में दो बार क्रमश: नवम्बर और मई में आयोजित करवाई जाती हैं। इस परीक्षा में सफल होने के बाद ही Intermediate Course में प्रवेश मिलता हैं।

जो विद्यार्थी कॉमर्स विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन 55% अंकों के साथ पूरी कर चुके हैं वें सीधा ही Foundation Course करने की बजाय Intermediate Course में प्रवेश ले सकते हैं। इंटरमिडियट कोर्स में प्रवेश लेने के लिये रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता हैं। इसके बाद Intermediate Exam होते हैं। इस एक्जाम में पास होने के बाद ही Final Course में प्रवेश मिलता हैं। फ़ाइनल कोर्स में प्रवेश मिलने के बाद इसकी परीक्षा होती हैं। फ़ाइनल परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ही अभियार्थी Chartered Accountant बन पता हैं।

Chartered Accountancy Course में तीनों स्तरों का Syllabus अलग – अलग होता हैं। पाठ्यक्रम में ज्यादातर विषय कॉमर्स विषय से संबंधित होते हैं। इस कारण कॉमर्स विषय में कक्षा 12वीं और ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी कर चुके विद्यार्थियों को यह पाठ्यक्रम बेहतर तरीके से समझने में आसानी होती हैं।

आपको चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स में प्रवेश लेने के लिये किसी भी कॉलेज आदि में प्रवेश लेने की जरूरत नहीं पड़ती हैं। आपको केवल ICAI की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है और इसके बाद क्रमश : Foundation Course, Intermediate Course, Final Course की परीक्षा पास करनी होती हैं। हाँ आप तैयारी करने के लिये प्राइवेट कोचिंग सेंटर जॉइन कर सकते हैं। Final Course की परीक्षा पास करने के बाद टॉप अंक लाने वाले स्टूडेंट्स की Ranks निर्धारित होती हैं।

जिन विद्यार्थियों की CA Final Course Exam में अच्छी Ranks आती हैं उन्हें प्राइवेट कंपनियों के द्वारा Placements के रूप में जॉब मिल जाती हैं। सीए की जॉब मिलने के बाद सैलरी के रूप में शुरुआत में कम से कम 40 हजार से लेकर 80 हजार रुपए प्रति महीना के हिसाब से मिलते हैं।

What IS CA Ka Full Form ?

Full Form Of CA is ‘Chartered Accountant’.

मैं आशा करता हूँ कि इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर आप सभी लोगों को  ‘सीए की फुल फॉर्म क्या होती हैं, सीए क्या होता हैं, सीए कैसे बनते हैं’ जैसे सवालों का जबाव मिल ही गया होगा। यदि यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिये उपयोगी साबित हुआ हो  तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूले। इसी तरह की Education Related Blog Post पढ़ने के लिये HINDITECHBLOG.IN ब्लॉग पर हर दिन जरूर आये।

 

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